आयकर विभाग ने बढ़ाई ITR की डेडलाइन, अब करदाता आसानी से भर सकेंगे रिटर्न | ITR Deadline 2025
भारत में हर साल लाखों लोग और व्यवसाय आयकर रिटर्न (ITR) भरते हैं। यह न सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया है, बल्कि आपकी वित्तीय स्थिति और टैक्स कंप्लायंस को भी मजबूत करता है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद करदाताओं को निश्चित समय सीमा के अंदर ITR फाइल करना होता है। हालांकि अक्सर देखा गया है कि अंतिम तिथि नजदीक आने पर करदाता समय की कमी, तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेज़ों की अनुपलब्धता के कारण परेशानी में आ जाते हैं। इसी को देखते हुए आयकर विभाग ने ITR Deadline 2025 को बढ़ा दिया है, जिससे अब करदाता बिना किसी तनाव के आसानी से रिटर्न भर सकेंगे।

ITR भरना क्यों ज़रूरी है?
1. कानूनी अनिवार्यता – सरकार द्वारा तय आय सीमा से अधिक कमाई करने वाले हर व्यक्ति और संस्था के लिए ITR भरना जरूरी है।
2. आर्थिक पारदर्शिता – यह आपकी आय और खर्च की सच्ची तस्वीर पेश करता है।
3. लोन और वीज़ा में मदद – बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड और विदेश यात्रा (वीज़ा) के लिए ITR स्टेटमेंट बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
4. भविष्य की सुरक्षा – कई सरकारी योजनाओं और निवेश विकल्पों का लाभ उठाने के लिए भी ITR जरूरी है।
आयकर विभाग का फैसला – डेडलाइन क्यों बढ़ाई गई?
अक्सर अंतिम तारीख के दिनों में ITR पोर्टल पर भारी भीड़ देखी जाती है, जिससे सर्वर स्लो हो जाता है और करदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा कई लोग समय पर दस्तावेज़ एकत्र नहीं कर पाते। इस बार ITR Deadline 2025 बढ़ाने का फैसला करदाताओं को राहत देने के लिए लिया गया है।
इससे:
करदाता बिना जल्दबाजी के फाइलिंग कर सकेंगे।
ऑडिट और कैलकुलेशन में आसानी होगी।
तकनीकी गड़बड़ियों से बचा जा सकेगा।
ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स सिस्टम से जुड़ पाएंगे।
नई ITR Deadline 2025 – क्या है नई तारीख?
आयकर विभाग की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, ITR भरने की नई अंतिम तिथि अब [नई तारीख यहाँ लिखी जाएगी] कर दी गई है। यानी करदाताओं के पास अतिरिक्त समय मिल चुका है।
(नोट: वास्तविक तारीख आधिकारिक वेबसाइट या विभाग की अधिसूचना से ली जानी चाहिए।)
ITR भरने के फायदे (Deadline बढ़ने के बावजूद देरी न करें)
1. जुर्माने से बचाव – डेडलाइन से पहले ITR भरने पर लेट फीस और पेनल्टी से बचा जा सकता है।
2. रिफंड जल्दी मिलेगा – जितनी जल्दी फाइल करेंगे, उतनी जल्दी टैक्स रिफंड अकाउंट में आएगा।
3. फाइनेंशियल प्लानिंग में मदद – समय पर ITR भरने से आपकी वित्तीय स्थिति साफ-साफ पता चलती है।
4. कानूनी परेशानियों से बचाव – समय पर रिटर्न भरने से नोटिस या अन्य कानूनी दिक्कतों से बचा जा सकता है।
ITR Filing 2025 – कैसे करें आसानी से?
1. आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें – https://www.incometax.gov.in
2. फॉर्म चुनें – अपनी आय और पेशे के अनुसार ITR-1, ITR-2, ITR-3 आदि सही फॉर्म का चयन करें।
3. जानकारी भरें – अपनी आय, खर्च, निवेश और टैक्स डिटेल्स दर्ज करें।
4. दस्तावेज़ अपलोड करें – पैन, आधार, फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट आदि अपलोड करें।
5. वेरिफाई करें – OTP या नेटबैंकिंग के जरिए E-Verification पूरा करें।
किन्हें ITR भरना अनिवार्य है?
सालाना आय कर योग्य सीमा से ऊपर वालों को।
कारोबारियों और पेशेवरों को।
विदेशों से आय प्राप्त करने वालों को।
जिन पर TDS कटा है और वे रिफंड क्लेम करना चाहते हैं।
जिनके पास एक से ज्यादा आय स्रोत हैं।
ITR Deadline 2025 बढ़ने का आम लोगों पर असर
नौकरीपेशा लोग अब आसानी से अपने फॉर्म-16 और निवेश से जुड़े दस्तावेज़ जुटा पाएंगे।
व्यापारी और व्यवसायी अपने ऑडिट व बैलेंस शीट को समय पर पूरा कर पाएंगे।
सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड लोग भी आराम से फाइलिंग कर पाएंगे।
निष्कर्ष
अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है तो देर मत कीजिए और नए समय का लाभ उठाते हुए तुरंत प्रक्रिया पूरी करें।

