72,300 EV चार्जिंग स्टेशन बनाएंगे डबल कमाई का रास्ता, जानें शेयर मार्केट के विजेता
EV चार्जिंग स्टेशन की जरूरत क्यों?
भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। कार से लेकर स्कूटर, ऑटो और बस तक, हर सेगमेंट में EV का चलन तेज़ हो गया है। लेकिन EV की सबसे बड़ी चुनौती है चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर। अभी देश में केवल चुनिंदा शहरों और हाईवे पर EV चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर कोई लंबे सफर पर निकलता है तो चार्जिंग की चिंता सबसे बड़ी समस्या बन जाती है।
सरकार के इस कदम से EV यूजर्स को चार्जिंग की सुविधा हर जगह आसानी से मिलेगी। इससे न केवल EV अपनाने वालों की संख्या बढ़ेगी बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी।
सरकार की योजना का रोडमैप
सरकार ने ऐलान किया है कि देशभर में चरणबद्ध तरीके से 72,300 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनमें से बड़ी संख्या में स्टेशन मेट्रो शहरों, टियर-2 और टियर-3 शहरों और नेशनल हाईवे पर लगाए जाएंगे। इससे EV चलाने वालों को लंबी दूरी तय करने में कोई समस्या नहीं होगी।
इसके अलावा सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर भी काम कर रही है, ताकि प्राइवेट कंपनियां EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर सकें।
EV चार्जिंग सेक्टर में निवेश का मौका
जैसे-जैसे EV चार्जिंग स्टेशन बढ़ेंगे, वैसे-वैसे इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों का बिजनेस भी बढ़ेगा। EV चार्जिंग मशीन बनाने वाली कंपनियों से लेकर चार्जिंग नेटवर्क ऑपरेट करने वाली कंपनियों तक, सभी को फायदा होगा। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है।
EV सेक्टर से जुड़ी कंपनियां
भारत में कई कंपनियां EV चार्जिंग स्टेशन और इससे जुड़े उपकरण बनाने का काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां शेयर बाजार में भी लिस्टेड हैं और इनके शेयर निवेशकों के लिए अच्छे रिटर्न ला सकते हैं।
1. टाटा पावर (Tata Power) – यह कंपनी पहले से ही देशभर में EV चार्जिंग नेटवर्क खड़ा कर रही है। टाटा पावर का लक्ष्य आने वाले सालों में हजारों चार्जिंग पॉइंट लगाने का है। सरकार की योजना से इस कंपनी को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है।
2. एक्साइड इंडस्ट्रीज (Exide Industries) – यह कंपनी बैटरी और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस में बड़ी भूमिका निभा रही है। जैसे-जैसे EV चार्जिंग स्टेशन बढ़ेंगे, बैटरी स्टोरेज की जरूरत भी बढ़ेगी।
3. अमारा राजा बैटरीज़ (Amara Raja Batteries) – बैटरी और चार्जिंग टेक्नोलॉजी में यह कंपनी लगातार रिसर्च कर रही है। EV सेक्टर में इसका बड़ा योगदान आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
4. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) – यह कंपनी भी अपने पेट्रोल पंप्स पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाने पर काम कर रही है। सरकार की योजना से IOC का नेटवर्क और मजबूत होगा।
5. जेनसोल इंजीनियरिंग (Genesol Engineering) और Servotech Power Systems – ये कंपनियां EV चार्जिंग मशीन और टेक्नोलॉजी बनाने में सक्रिय हैं और छोटे निवेशकों के लिए अच्छे विकल्प हो सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्यों है डबल कमाई का मौका?
सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा असर शेयर बाजार पर देखने को मिलेगा। EV चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है। जैसे ही सरकार चरणबद्ध तरीके से स्टेशन लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी, वैसे-वैसे इन कंपनियों का ऑर्डर बुक बढ़ेगा।
आज अगर कोई निवेशक EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयर खरीदता है, तो आने वाले 3-5 साल में उसे अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
EV इंडस्ट्री का भविष्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में EV बाजार साल 2030 तक 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक बड़ी संख्या में वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएं। अगर ऐसा होता है तो भारत न केवल पेट्रोल-डीजल के आयात पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
EV इंडस्ट्री में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और EV सर्विसिंग जैसी इंडस्ट्री भी तेजी से बढ़ेंगी। यानी आने वाले समय में निवेशकों के पास कई विकल्प होंगे।
कौन सा शेयर रख सकता है नजर में?
अगर बात की जाए सबसे मजबूत खिलाड़ी की, तो टाटा पावर का शेयर इस वक्त निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक माना जा रहा है। कंपनी का EV चार्जिंग नेटवर्क पहले से मजबूत है और सरकार की इस योजना से इसका फायदा दोगुना होगा। इसके अलावा IOC, BPCL और HPCL जैसी कंपनियां भी EV चार्जिंग पर जोर दे रही हैं।


