अडानी ग्रीन का स्टॉक दे सकता है 30% से ज्यादा रिटर्न, जेफरीज ने दिया ₹1,300 का बड़ा टारगेट

अडानी ग्रीन का स्टॉक दे सकता है 30% से ज्यादा रिटर्न, जेफरीज ने दिया ₹1,300 का बड़ा टारगेट

भारतीय शेयर बाजार में निवेशक हमेशा उन स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिनमें लंबी अवधि में दमदार रिटर्न देने की क्षमता हो। हाल ही में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Adani Green Energy Ltd (अडानी ग्रीन) पर पॉज़िटिव रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्टॉक आने वाले समय में 30% से भी ज्यादा रिटर्न दे सकता है और इसका नया टारगेट प्राइस ₹1,300 रखा गया है।

यह खबर बाजार में निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है क्योंकि अडानी ग्रीन भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है और इसका भविष्य सीधे-सीधे ग्रीन एनर्जी मिशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जुड़ा हुआ है।

Adani green energy
Adani green energy

Adani Green Energy क्या करती है?

Adani Green Energy Ltd (AGEL) अडानी ग्रुप की एक प्रमुख कंपनी है, जो सोलर पावर, विंड पावर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शुमार होना है।

वर्तमान में कंपनी के पास हजारों मेगावॉट की ऑपरेशनल क्षमता है और कई प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। सरकार द्वारा बढ़ावा दिए जा रहे सोलर और विंड एनर्जी मिशन से अडानी ग्रीन को सीधा फायदा मिलता है।

जेफरीज ने क्यों बढ़ाया टारगेट?

Jefferies की रिपोर्ट के अनुसार:

अडानी ग्रीन के पास आने वाले 2-3 साल में मजबूत कैपेसिटी एक्सपेंशन प्लान है।

कंपनी का फोकस दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट्स (PPA) पर है, जिससे राजस्व स्थिर रहता है।

भारत सरकार की ग्रीन एनर्जी पॉलिसीज़ और कार्बन एमिशन कम करने की दिशा में उठाए गए कदम से कंपनी को फायदा होगा।

कैपिटल स्ट्रक्चर में सुधार और बेहतर कैश फ्लो निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं।

इन्हीं कारणों से ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक का टारगेट ₹1,300 तय किया है, जबकि अभी यह स्टॉक ₹1,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यानी यहां से 30% से ज्यादा का अपसाइड बनता है।

निवेशकों के लिए क्यों खास है यह स्टॉक?

1. ग्रीन एनर्जी का भविष्य
आने वाले समय में कोयले और पेट्रोलियम पर निर्भरता घटेगी और नवीकरणीय ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ेगी। अडानी ग्रीन इस ट्रेंड का सबसे बड़ा लाभार्थी हो सकता है।

2. सरकारी सपोर्ट
केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक भारत की बिजली क्षमता का बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से हासिल करना है। इससे कंपनियों को कई प्रोत्साहन मिल रहे हैं।

3. लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स
कंपनी ने बिजली बेचने के लिए लंबे समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट्स किए हुए हैं। इससे कमाई का स्थिर स्रोत बना रहता है।

4. अडानी ग्रुप का विजन
अडानी ग्रुप इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में आक्रामक निवेश कर रहा है। अडानी ग्रीन इसका बड़ा हिस्सा है, जो ग्रुप की पहचान को मजबूत करता है।

जोखिम भी समझना जरूरी

हालांकि हर निवेश अवसर के साथ कुछ रिस्क भी जुड़े होते हैं l

हाई वैल्यूएशन: अडानी ग्रीन का P/E अनुपात कई बार बहुत ज्यादा माना जाता है।

डेब्ट लेवल: कंपनी पर कर्ज का बोझ ज्यादा है, हालांकि प्रबंधन लगातार इसे सुधारने पर काम कर रहा है।

रेगुलेटरी रिस्क: सरकारी नीतियों में बदलाव का सीधा असर इस सेक्टर पर पड़ सकता है।

इसलिए निवेश करने से पहले जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना जरूरी है।

मौजूदा प्राइस और आगे की संभावना

अभी (सितंबर 2025) अडानी ग्रीन का शेयर ₹1,000-1,020 के आसपास ट्रेड कर रहा है। Jefferies का मानना है कि यह स्टॉक ₹1,300 तक जा सकता है, यानी करीब 30% से ज्यादा रिटर्न।

अगर कंपनी अपने कैपेसिटी एक्सपेंशन प्लान, डेब्ट मैनेजमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को सही दिशा में ले जाती है, तो यह टारगेट और भी ऊपर जा सकता है।

निवेशकों के लिए निष्कर्ष

अडानी ग्रीन एनर्जी भारत की सबसे तेजी से बढ़ती हुई ग्रीन एनर्जी कंपनियों में शामिल है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का पॉज़िटिव नजरिया निवेशकों को यह संकेत देता है कि कंपनी का भविष्य मजबूत है।

हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि:
यह स्टॉक लंबी अवधि के लिए ज्यादा उपयुक्त है।
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, अगर आप ग्रीन एनर्जी सेक्टर में लंबी अवधि का दांव लगाना चाहते हैं, तो अडानी ग्रीन एक आकर्षक विकल्प हो सकता है।

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