Tejas Fighter Jets Deal 2025

भारतीय वायुसेना को मिलेगी नई ताकत : 97 तेजस लड़ाकू विमान होंगे शामिल, अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा

भारतीय वायुसेना को मिलेगी नई ताकत : 97 तेजस लड़ाकू विमान होंगे शामिल, अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा

भारत लगातार अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना (IAF) के बेड़े में 97 नए तेजस लड़ाकू विमान शामिल किए जाने की घोषणा हुई है। यह करार अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है। इस डील के साथ न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत दोगुनी होगी, बल्कि पड़ोसी मुल्कों पर भी इसका गहरा असर देखने को मिलेगा। खासकर चीन और पाकिस्तान जैसे भारत के शत्रु देशों को यह कदम सीधे तौर पर चुनौती देने वाला है।

तेजस लड़ाकू विमान क्यों है खास?

तेजस को भारत में स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है। यह लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) है जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। तेजस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हल्का होने के साथ ही बेहद घातक और फुर्तीला है। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, मल्टी-मोड रडार, एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीक शामिल की गई है।

तेजस को 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है। इसमें दुश्मन को पलभर में निशाना बनाने की क्षमता है। यही वजह है कि भारत ने 97 विमानों की खरीद का इतना बड़ा फैसला लिया है।

अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा

यह सौदा भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा रक्षा करार बताया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय और HAL के बीच यह समझौता होने जा रहा है, जिसकी कीमत लाखों करोड़ में आंकी जा रही है। इससे न केवल भारत की वायुसेना को मजबूती मिलेगी, बल्कि देश में Make in India अभियान को भी गति मिलेगी।

इस डील से भारत न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी यह दिखाएगा कि अब भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं है। तेजस जैसे स्वदेशी विमान भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का प्रतीक हैं।

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत

भारतीय वायुसेना के पास इस समय सुखोई-30, राफेल और मिग-29 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान मौजूद हैं। तेजस के 97 नए विमानों के जुड़ने से भारतीय वायुसेना के पास एक बड़ा एयर कॉम्बैट नेटवर्क तैयार होगा। यह न केवल आसमान से होने वाले खतरों का जवाब देगा बल्कि ज़मीन से होने वाले हमलों को भी नाकाम कर सकेगा।

भारत की तीनों सेनाओं को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। हाल के वर्षों में रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी हुई है। तेजस विमान की डील इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे आने वाले दशकों तक भारत की सुरक्षा मजबूत बनी रहेगी।

चीन और पाकिस्तान पर पड़ेगा असर

भारत के इस फैसले से पाकिस्तान और चीन की चिंता बढ़ना तय है। पाकिस्तान के पास पुराने F-16 और चीन से मिले JF-17 जैसे विमान हैं, लेकिन तकनीकी स्तर पर तेजस इनसे कहीं आगे है।

चीन के पास भले ही अधिक संख्या में लड़ाकू विमान हों, लेकिन तेजस की फुर्ती, रडार सिस्टम और मिसाइल तकनीक उसे ज्यादा खतरनाक बनाती है। यह भारत को एयर डिफेंस के मामले में एक अलग ऊंचाई पर ले जाएगा।

Make in India और रोजगार के नए अवसर

इस सौदे से भारत में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। HAL और उससे जुड़ी कंपनियों में नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। एयरोस्पेस सेक्टर में काम करने वाले इंजीनियर, तकनीशियन और रिसर्चर के लिए यह सुनहरा मौका होगा।

स्वदेशी तेजस विमान की बढ़ती मांग से आने वाले समय में भारत इसे दूसरे देशों को भी निर्यात कर सकता है। यह भारत की अर्थव्यवस्था और कूटनीति दोनों के लिए बेहद अहम साबित होगा।

तेजस की तकनीकी खूबियां

यह विमान सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भर सकता है।

इसमें अत्याधुनिक AESA रडार तकनीक मौजूद है।

एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिशन के लिए लेजर-गाइडेड बम और मिसाइल की क्षमता।

फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल सिस्टम जो पायलट को आसान नियंत्रण देता है।

इसकी मेंटेनेंस कॉस्ट भी अन्य विमानों की तुलना में काफी कम है।

भारतीय वायुसेना की भविष्य की तैयारी

तेजस के साथ ही भारत भविष्य में 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की ओर भी कदम बढ़ा रहा है। देश का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) भी वायुसेना में शामिल हो।

यह पूरी रणनीति भारत को एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक बड़ी सैन्य ताकत बनाएगी। आने वाले समय में तेजस जैसे विमान भारत की रक्षा पंक्ति की रीढ़ साबित होंगे।

भारत सरकार और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच हुए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे के तहत 97 तेजस लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाएंगे। यह कदम वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाला साबित होगा। स्वदेशी तकनीक से बने तेजस विमान हल्के, तेज और आधुनिक हथियारों से लैस हैं। यह सौदा न केवल भारत की Make in India पहल को मजबूती देगा बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों पर भी इस फैसले का गहरा असर पड़ेगा।

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निष्कर्ष

97 नए तेजस विमानों की खरीद भारत के लिए ऐतिहासिक फैसला है। यह सौदा न केवल भारतीय वायुसेना को मजबूती देगा बल्कि भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाएगा। पड़ोसी मुल्कों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।

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