चांदी सस्ती और डिमांड में तेजी
Dhanteras Silver Price: इस बार धनतेरस पर बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है। जहां आमतौर पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, वहीं इस बार चांदी की मांग ने सबको हैरान कर दिया। वजह साफ है — चांदी के दाम में एक हफ्ते में करीब ₹8000 प्रति किलो की गिरावट आई है। इस गिरावट ने ग्राहकों को चांदी की ओर आकर्षित किया है। वहीं सोना अभी भी ऊंचे भावों पर टिका हुआ है, जिसकी वजह से लोग सोने से थोड़ा दूर नजर आ रहे हैं।
चांदी के भाव में बड़ी गिरावट
पिछले एक हफ्ते में चांदी का दाम लगभग ₹83,000 प्रति किलो से गिरकर ₹75,000 प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी कि पूरे ₹8000 की कमी दर्ज की गई है। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों को चांदी की खरीदारी के लिए प्रेरित किया है।
दूसरी तरफ सोना अभी भी ₹71,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है, जिससे कई लोग सोना खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।
धनतेरस पर चांदी की बढ़ती चमक
धनतेरस 2025 पर इस बार दुकानों और ज्वेलरी शॉप्स में चांदी की डिमांड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। दुकानदारों का कहना है कि इस बार जितनी चांदी की बिक्री हुई है, उतनी पिछले कुछ सालों में नहीं देखी गई।
लोग न सिर्फ चांदी के सिक्के और चांदी के बर्तन खरीद रहे हैं, बल्कि चांदी के गहनों की डिमांड भी बढ़ी है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि चांदी की कीमत में आई गिरावट ने इसे आम लोगों की पहुंच में ला दिया है।
सोने की तुलना में चांदी सस्ती
सोना बनाम चांदी की बात करें तो इस बार चांदी ने सोने को मात दे दी है। सोने के भाव लगातार ऊंचे बने हुए हैं, जिससे मध्यम वर्ग के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। वहीं चांदी अब भी सस्ती और उपयोगी है।
कई लोग निवेश के तौर पर चांदी खरीदना बेहतर मान रहे हैं, क्योंकि भविष्य में इसके रेट में फिर से बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
सोने की कीमत अभी स्थिर बनी हुई है, लेकिन चांदी में तेज गिरावट आई है।
कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, क्योंकि आने वाले महीनों में इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने से चांदी की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है।
चांदी की इंडस्ट्रियल मांग भी बढ़ी
चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरणों और औद्योगिक उपयोगों में भी काम आती है।
यानी चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बढ़ रही है।
धनतेरस जैसे त्योहारों पर जब घरेलू खरीदारी भी बढ़ती है, तो इसका दोहरा असर बाजार पर देखने को मिलता है।
ग्राहकों का रुझान चांदी की ओर
इस बार धनतेरस पर ग्राहकों का झुकाव पूरी तरह चांदी की ओर दिखाई दिया।
कई लोगों ने कहा कि सोना खरीदना अब “लक्ज़री” बन गया है, जबकि चांदी “स्मार्ट इन्वेस्टमेंट” साबित हो रही है।
इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी चांदी के सिक्कों और बार्स की बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
सोने की ऊंची कीमतें बनी बड़ी वजह
जहां एक तरफ चांदी सस्ती हुई, वहीं सोना अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे बड़े शहरों में सोने का भाव ₹71,500 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
इससे आम खरीदारों के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया है।
यही कारण है कि लोग धनतेरस पर चांदी खरीदना अधिक शुभ और सस्ता विकल्प मान रहे हैं।
चांदी में निवेश के फायदे
चांदी को लंबे समय से एक सेफ इन्वेस्टमेंट माना जाता है।
सोने की तुलना में इसकी कीमत कम होती है, लेकिन रिटर्न अच्छा मिलता है।
कई निवेशक अब सिल्वर ETF और फिजिकल चांदी दोनों में निवेश कर रहे हैं।
चांदी के रेट में आई गिरावट को एक “गोल्डन ऑपर्च्युनिटी” के रूप में देखा जा रहा है।
आने वाले समय में क्या होगा चांदी का रुख
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में चांदी के भाव फिर से बढ़ सकते हैं।
जैसे-जैसे त्योहार खत्म होंगे और औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे चांदी की मांग में इजाफा होगा।
कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, 2026 तक चांदी की कीमतों में 20% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सोने और चांदी के दाम (19 अक्टूबर 2025 तक)
सोना (24 कैरेट): ₹71,200 प्रति 10 ग्राम
चांदी: ₹75,000 प्रति किलो
एक हफ्ते पहले चांदी का भाव: ₹83,000 प्रति किलो
कुल गिरावट: ₹8,000 प्रति किलो
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को पूरी तरह बदल दिया है।
धनतेरस पर शुभ मानी जा रही चांदी
भारतीय परंपरा में धनतेरस के दिन धातु खरीदना शुभ माना जाता है।
जहां पहले लोग मुख्य रूप से सोना खरीदते थे, अब ट्रेंड बदल चुका है।
इस साल चांदी को “लकी इन्वेस्टमेंट” माना जा रहा है, क्योंकि यह सस्ती भी है और निवेश के लिहाज से फायदेमंद भी।
2025 के बाद चांदी के रेट का अनुमान और निवेश टिप्स
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 के अंत तक चांदी की कीमतें फिर से बढ़ना शुरू होंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इंडस्ट्रियल डिमांड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में बढ़ते उपयोग के कारण चांदी की मांग तेजी से बढ़ेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 तक चांदी ₹90,000 प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इसलिए निवेशकों के लिए यह सही समय है जब वे सस्ती चांदी खरीदकर भविष्य में अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। छोटे निवेशक चांदी के सिक्के, बार या सिल्वर ETF में पैसा लगाकर लंबे समय तक फायदा उठा सकते हैं।
निष्कर्ष: चांदी की बढ़ती चमक और निवेश का नया मौका
एक हफ्ते में ₹8000 की गिरावट ने चांदी को सोने से ज्यादा आकर्षक बना दिया है।
लोग अब इसे सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
धनतेरस के मौके पर चांदी की खरीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाया है, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में इसका रुझान और भी ऊपर जा सकता है।
अगर आप भी इस धनतेरस निवेश करने का सोच रहे हैं, तो चांदी आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है — सस्ती, चमकदार और फायदेमंद।
यह भी पढ़े- Gold Price Today: धनतेरस पर सस्ता हुआ सोना, चांदी के भाव में भी गिरावट – जानिए आज का लेटेस्ट रेट


As I website possessor I believe the content matter here is rattling magnificent , appreciate it for your hard work. You should keep it up forever! Best of luck.
Great line up. We will be linking to this great article on our site. Keep up the good writing.