Lenskart IPO से नई शुरुआत
भारत की जानी-मानी आईवियर कंपनी Lenskart अब स्टॉक मार्केट में कदम रखने जा रही है। नवंबर 2025 में इसका बहुप्रतीक्षित Lenskart IPO आने की संभावना है। यह IPO न सिर्फ निवेशकों के लिए बड़ा मौका साबित हो सकता है, बल्कि इसके संस्थापक पीयूष बंसल को बिलियनेयर क्लब में शामिल कर सकता है।
कंपनी ने बीते कुछ सालों में तेज़ी से ग्रोथ दर्ज की है, जिससे अब यह भारतीय स्टार्टअप इकोनॉमी में एक मज़बूत नाम बन चुका है।
Lenskart का सफर – स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक
Lenskart की शुरुआत 2010 में पीयूष बंसल ने की थी, जब ऑनलाइन आईवियर मार्केट लगभग नया था। शुरुआत में सिर्फ चश्मे और लेंस की ऑनलाइन बिक्री से शुरू हुई यह कंपनी आज भारत ही नहीं बल्कि दुबई, सिंगापुर और यूके तक अपना कारोबार फैला चुकी है।
Lenskart ने कम समय में अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स के जरिए लोगों का भरोसा जीता और अब यह 2000 से ज़्यादा स्टोर्स के साथ एक बड़ी रिटेल चेन बन चुकी है।
पीयूष बंसल का सपना – Lenskart IPO के जरिए नई ऊंचाइयों पर
Lenskart के संस्थापक पीयूष बंसल भारत के सफलतम युवा उद्यमियों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘Shark Tank India’ के जज के रूप में भी अपनी पहचान बनाई।
अब जब Lenskart IPO लिस्टिंग नवंबर में होने जा रही है, तो उम्मीद है कि कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $10 बिलियन (लगभग ₹83,000 करोड़) तक पहुंच सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो पीयूष बंसल की कुल संपत्ति 1 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी और वे आधिकारिक रूप से बिलियनेयर क्लब में शामिल हो जाएंगे।

Lenskart IPO की संभावित लिस्टिंग डेट
मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, Lenskart IPO नवंबर 2025 के दूसरे या तीसरे हफ्ते में लॉन्च हो सकता है।
हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन SEBI से अप्रूवल मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
Lenskart पहले ही कई बड़े निवेशकों जैसे SoftBank, Temasek, Premji Invest, KKR और ChrysCapital से भारी निवेश प्राप्त कर चुकी है।
Lenskart का बिज़नेस मॉडल और मुनाफा
Lenskart ने अपने बिज़नेस मॉडल में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म्स का शानदार तालमेल बनाया है।
कंपनी ग्राहकों को फ्री आई टेस्ट, होम ट्रायल सर्विस, और किफायती दामों में प्रीमियम आईवियर उपलब्ध कराती है।
बीते वित्त वर्ष में Lenskart का रेवेन्यू लगभग ₹3,500 करोड़ के पार पहुंच गया, जबकि नेट प्रॉफिट में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी अब सिर्फ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक ओमनीचैनल रिटेल ब्रांड बन चुकी है।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका – Lenskart IPO
Lenskart IPO निवेशकों के लिए एक गोल्डन चांस माना जा रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे भारत में मिडल क्लास और यंग जनरेशन बढ़ रही है, वैसे-वैसे आईवियर मार्केट भी तेजी से बढ़ेगा।
वर्तमान में यह मार्केट ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का है और 2030 तक इसके ₹25,000 करोड़ पार जाने की उम्मीद है।
ऐसे में Lenskart का IPO निवेशकों के लिए एक लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टॉक साबित हो सकता है।
Lenskart IPO में निवेश से पहले जानिए वैल्यूएशन
Lenskart का मौजूदा वैल्यूएशन करीब $8 बिलियन है, और IPO के बाद यह $10 बिलियन से $11 बिलियन के बीच पहुंच सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो कंपनी की हिस्सेदारी रखने वाले पीयूष बंसल की नेट वर्थ तेजी से बढ़ेगी।
वर्तमान में उनके पास लगभग 30% हिस्सेदारी बताई जा रही है। IPO के बाद इस हिस्सेदारी का मूल्य अरबों में पहुंच सकता है।
Lenskart के निवेशक और पार्टनर्स
Lenskart के पास कई बड़े ग्लोबल निवेशक हैं, जिनमें शामिल हैं:
SoftBank Vision Fund
Temasek Holdings
Premji Invest (Wipro के अज़ीम प्रेमजी का निवेश फंड)
KKR
ChrysCapital
इन दिग्गज निवेशकों के भरोसे के कारण ही कंपनी अब पब्लिक मार्केट में उतरने के लिए तैयार है।
Lenskart IPO का आकार और शेयर डिटेल्स
सूत्रों के मुताबिक, Lenskart IPO का साइज लगभग $600 मिलियन (लगभग ₹5,000 करोड़) का हो सकता है।
इसमें कुछ हिस्सेदारी Offer for Sale (OFS) के तहत मौजूदा निवेशक बेच सकते हैं, जबकि एक बड़ा हिस्सा Fresh Issue के रूप में आएगा।
IPO के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी ग्लोबल एक्सपैंशन, नए स्टोर्स खोलने और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन में करेगी।
Lenskart IPO के बाद क्या होंगे बदलाव
IPO के बाद Lenskart का उद्देश्य सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार करना है।
कंपनी ने पहले ही सऊदी अरब, सिंगापुर, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में अपने नए स्टोर्स खोलने की योजना बनाई है।
इसके अलावा, कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर AI बेस्ड आई टेस्ट और वर्चुअल ट्राय-ऑन जैसी आधुनिक तकनीकों को भी और बेहतर बनाएगी।
Lenskart की सफलता के पीछे पीयूष बंसल की सोच
पीयूष बंसल हमेशा से “Customer First” अप्रोच पर विश्वास रखते हैं।
उन्होंने भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के हिसाब से Lenskart को डिज़ाइन किया।
किफायती दाम, भरोसेमंद क्वालिटी और नई तकनीक ने इस ब्रांड को लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया।
उनका मानना है कि “हर भारतीय को सही चश्मा पहनने का अधिकार है”, और यही सोच अब उन्हें बिलियनेयर क्लब तक ले जा रही है।
Lenskart IPO में रिस्क और रिवार्ड
हर IPO की तरह इसमें भी रिस्क फैक्टर मौजूद हैं।
आईवियर इंडस्ट्री में भले ही ग्रोथ तेज़ है, लेकिन कंपटीशन भी तेजी से बढ़ रहा है।
Tata Cliq, Titan EyePlus, और अन्य स्थानीय ब्रांड लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रहे हैं।
फिर भी, Lenskart की ब्रांड वैल्यू और टेक्नोलॉजिकल बढ़त इसे मार्केट में अलग पहचान देती है।
Lenskart IPO – निवेशकों की उम्मीदें
निवेशकों को उम्मीद है कि Lenskart का IPO उसी तरह सफल होगा जैसे Zomato, Nykaa और Mamaearth के IPO रहे थे।
अगर लिस्टिंग प्रीमियम पर होती है, तो शुरुआती निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
मार्केट एनालिस्ट्स का अनुमान है कि लिस्टिंग के पहले दिन Lenskart के शेयर 15-20% तक ऊपर खुल सकते हैं।
Lenskart IPO में निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बातें
Lenskart IPO में निवेश करने से पहले कुछ अहम बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले कंपनी का वैल्यूएशन देखें। यदि IPO में प्राइस ज्यादा हाई है, तो शुरुआती रिटर्न सीमित रह सकते हैं। इसके अलावा, कंपटीशन और मार्केट ट्रेंड्स को समझना भी जरूरी है, क्योंकि Titan EyePlus और अन्य ब्रांड्स लगातार मार्केट हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। निवेशकों को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिहाज से ही सोचकर निवेश करना चाहिए। साथ ही, IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी कैसे करेगी, इसे भी समझना लाभकारी होगा। सही जानकारी और रणनीति से Lenskart IPO में निवेश फायदेमंद साबित हो सकता है।
निष्कर्ष: Lenskart IPO से बनेगा नया इतिहास
Lenskart IPO 2025 न सिर्फ एक कंपनी की सफलता की कहानी है, बल्कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक प्रेरणा भी है।
पीयूष बंसल ने अपने विजन और मेहनत से एक साधारण ऑनलाइन स्टोर को आज एक ग्लोबल ब्रांड बना दिया है।
अगर IPO उम्मीदों के मुताबिक सफल रहता है, तो न केवल निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि भारत को एक और बिलियनेयर एंटरप्रेन्योर मिलेगा।
यह भी पढ़े- सचिन तेंदुलकर से जुड़ा बताया जा रहा था शेयर, कंपनी ने बताई सच्चाई – 57,000% की उछाल!