Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: वरुण-जाह्नवी की जोड़ी नहीं बचा पाई फीकी कहानी
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review की बात करें तो वरुण धवन और जाह्नवी कपूर स्टारर यह फिल्म दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रही है। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज़ के बाद यह फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। फिल्म में ड्रामा, रोमांस और कॉमेडी का तड़का तो है, मगर कहानी में वह ताजगी नहीं दिखती जिसकी दर्शक उम्मीद कर रहे थे।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: कहानी जो पहले भी कई बार देखी जा चुकी है
फिल्म की कहानी काफी घिसी-पिटी लगती है। यह एक ऐसी लव स्टोरी है जिसे बॉलीवुड ने पिछले कई दशकों में बार-बार दोहराया है। Sunny (वरुण धवन) एक संस्कारी लेकिन मस्तमौला लड़का है, जबकि Tulsi (जाह्नवी कपूर) एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और महत्वाकांक्षी लड़की है। दोनों की मुलाकात, झगड़े और फिर प्यार की वही पुरानी पटकथा दोहराई जाती है। कहानी की शुरुआत दिलचस्प लगती है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, सब कुछ अनुमानित सा हो जाता है।
वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की परफॉर्मेंस – Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review में परफॉर्मेंस की बात करें तो वरुण धवन ने अपनी पूरी कोशिश की है कि किरदार में जान डाल सकें। उनका कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष हैं। वहीं, जाह्नवी कपूर ने भी अपने किरदार को संजीदगी से निभाया है, लेकिन कई सीन में उनकी एक्टिंग ज़्यादा नाटकीय लगती है। खासकर इमोशनल सीन में ओवरएक्टिंग साफ दिखाई देती है, जिससे भावनात्मक जुड़ाव कम हो जाता है।

Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: म्यूजिक और डायरेक्शन ने नहीं जमाया रंग
फिल्म के गानों में बॉलीवुड का वही पुराना फॉर्मूला अपनाया गया है – एक पार्टी सॉन्ग, एक रोमांटिक ट्रैक और एक इमोशनल बैलेड। हालांकि कुछ धुनें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन उनमें लॉन्ग लास्टिंग इफेक्ट नहीं दिखता। डायरेक्टर ने फिल्म को रंगीन और ग्रैंड बनाने की कोशिश की है, मगर कहानी की कमजोर नींव के चलते सारा सेटअप बेअसर साबित होता है।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिज़ाइन
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है। हर फ्रेम खूबसूरती से फिल्माया गया है, और लोकेशन्स विजुअली आकर्षक हैं। धर्मा प्रोडक्शन की फिल्मों की तरह यह भी एक विजुअली रिच फिल्म है, लेकिन यह खूबसूरती कहानी की कमी को पूरा नहीं कर पाती। प्रोडक्शन डिज़ाइन बेहतरीन है, कपड़े, बैकग्राउंड और सेट डिजाइन सब कुछ क्लासी लगता है। मगर जब स्क्रिप्ट कमजोर हो, तो टेक्निकल परफेक्शन भी फिल्म को नहीं बचा पाता।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: कॉमेडी और ड्रामा का असंतुलन
फिल्म में कॉमेडी के कई सीन फोर्स्ड लगते हैं। वरुण धवन के कुछ पंचलाइन हंसाते हैं, लेकिन कई बार स्क्रिप्ट उन्हें सीमित कर देती है। दूसरी ओर, जाह्नवी कपूर का किरदार इमोशनल साइड पर ज्यादा केंद्रित है, जिससे दोनों के बीच की केमिस्ट्री अधूरी लगती है। Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review में यही सबसे बड़ी कमी नजर आती है — दोनों लीड एक्टर्स की एनर्जी मैच नहीं होती।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: सेकेंड हाफ में कहानी और कमजोर पड़ती है
फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा मनोरंजक है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी ढीली पड़ जाती है। दूसरे हाफ में ना तो कोई बड़ा ट्विस्ट है और ना ही इमोशनल कनेक्ट। फिल्म के क्लाइमेक्स में जब दर्शक किसी दमदार मोड़ की उम्मीद करते हैं, तो कहानी बहुत जल्दबाजी में खत्म हो जाती है। कई सीन ऐसे हैं जो अनावश्यक रूप से लंबे लगते हैं, और यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाते हैं।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: दर्शकों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर फिल्म को मिले-जुले रिव्यू मिल रहे हैं। कुछ दर्शकों ने वरुण और जाह्नवी की जोड़ी को पसंद किया, तो कई लोगों ने इसे ‘पुरानी कहानी की नई पैकेजिंग’ बताया। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #SunnySanskariKiTulsiKumariReview ट्रेंड कर रहा है, जहां ज्यादातर यूज़र्स फिल्म को 2.5 या 3 स्टार से ज्यादा नहीं दे रहे।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: क्या देखें या छोड़ें?
अगर आप हल्की-फुल्की रोमांटिक फिल्में पसंद करते हैं और वरुण-जाह्नवी के फैन हैं, तो Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप किसी नई कहानी या दमदार स्क्रिप्ट की उम्मीद में जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है। यह फिल्म पूरी तरह स्टार पॉवर पर टिकी है, न कि स्क्रिप्ट पर।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review: निष्कर्ष
कुल मिलाकर Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review कहता है कि यह फिल्म एक “वन टाइम वॉच” है। वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की केमिस्ट्री अच्छी है, लेकिन फिल्म की कमजोर कहानी और ओवरड्रामा इसे सामान्य बना देती है। करण जौहर का प्रोडक्शन ग्लैमर तो दिखाता है, पर भावनाओं की गहराई गायब है।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Review के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों की राय बंटी हुई दिख रही है। कुछ ने वरुण धवन की एनर्जी और कॉमिक टाइमिंग की तारीफ की, तो कुछ ने जाह्नवी कपूर की एक्टिंग को ओवर बताया। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है, लेकिन कहानी पुराने ढर्रे पर चलती है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म का पहला हिस्सा ठीक है, मगर दूसरा भाग लंबा और उबाऊ लगता है। कुल मिलाकर यह एक ऐसी बॉलीवुड फिल्म है जो चमकदार दिखती जरूर है, लेकिन दिल को छू नहीं पाती।
यह भी पढ़े- आमिर से छिपकर सलमान ने चली ऐसी चाल, ‘अंदाज अपना अपना’ के सेट का किस्सा हुआ वायरल