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Saving Account Return: बिना FD कराए सेविंग अकाउंट से पाएं 7% ब्याज, बैंक का नया नियम

Saving Account Return: बिना FD कराए सेविंग अकाउंट से पाएं 7% ब्याज, बैंक का नया नियम

आज के समय में हर व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाना चाहता है। आमतौर पर लोग इसके लिए Fixed Deposit (FD) का विकल्प चुनते हैं, क्योंकि उस पर ब्याज दर सेविंग अकाउंट की तुलना में अधिक होती है। लेकिन हाल ही में कई बैंकों ने अपने Savings Account पर High Interest Rate देने की घोषणा की है। इस नए नियम के बाद अब ग्राहक बिना FD कराए भी अपने सेविंग अकाउंट से 7% ब्याज तक कमा सकते हैं। यह बदलाव निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।
Saving Account
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नया नियम क्या है?

कई निजी और छोटे फाइनेंस बैंकों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपने Savings Account Interest Rate को बढ़ाकर 6% से 7% तक कर दिया है। इसका मतलब यह है कि यदि आपके पास एक साधारण बचत खाता (Saving Account) है, तो भी आपको अब उतना ही ब्याज मिलेगा जितना पहले केवल FD में मिलता था।

यह नियम खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, जो अपनी राशि को लंबे समय तक लॉक नहीं करना चाहते और Liquidity यानी पैसों की तुरंत जरूरत होने पर उन्हें निकालने की सुविधा चाहते हैं।

किन बैंकों ने बढ़ाए हैं सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरें?

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में निजी बैंक और छोटे फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों को ज्यादा रिटर्न देने की कोशिश कर रहे हैं।

कुछ Small Finance Banks ने 7% तक का Saving Account Interest Rate ऑफर करना शुरू किया है।

कई Private Banks भी 6% से 6.75% तक ब्याज दे रहे हैं।

सरकारी बैंकों की ब्याज दरें अभी भी 2.70% से 3.50% के बीच हैं।

इससे साफ है कि यदि ग्राहक ज्यादा ब्याज चाहते हैं तो उन्हें छोटे फाइनेंस बैंक या कुछ चुनिंदा निजी बैंकों के सेविंग अकाउंट को चुनना चाहिए।

सेविंग अकाउंट पर 7% ब्याज का फायदा

1. बिना लॉक-इन पीरियड – FD में पैसा एक निश्चित समय के लिए लॉक रहता है, जबकि सेविंग अकाउंट में आप कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।

2. लिक्विडिटी बनी रहती है – पैसे की जरूरत पड़ने पर तुरंत उपयोग कर सकते हैं।

3. अतिरिक्त आय – पहले जहां सेविंग अकाउंट में केवल 3% तक ब्याज मिलता था, वहीं अब 7% तक ब्याज से आपकी आय दोगुनी हो सकती है।

4. सुरक्षा – बैंक खाते में रखा पैसा सुरक्षित रहता है और उस पर सरकार की गारंटी भी होती है (DICGC द्वारा ₹5 लाख तक की गारंटी)।

उदाहरण से समझें

मान लीजिए आपके सेविंग अकाउंट में ₹5 लाख रुपये हैं।

अगर ब्याज दर 3% है तो साल भर में आपको मिलेगा:
₹15,000

अगर वही पैसा 7% पर है तो साल भर में मिलेगा:
₹35,000

यानी बिना FD कराए ही आपको ₹20,000 का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

किन बातों का ध्यान रखें?

1. न्यूनतम बैलेंस की शर्त – कई बैंक ज्यादा ब्याज दर केवल तब देते हैं जब आपके खाते में एक निश्चित राशि (जैसे ₹25,000, ₹50,000 या ₹1 लाख) हमेशा बनी रहे।

2. टैक्स नियम – सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज पर भी आयकर के नियम लागू होते हैं। हालांकि, Section 80TTA के तहत ₹10,000 तक का ब्याज टैक्स-फ्री है।

3. छोटे फाइनेंस बैंक बनाम बड़े बैंक – छोटे बैंकों में ज्यादा ब्याज तो मिलता है, लेकिन उनकी ब्रांच और ATM सुविधा सीमित हो सकती है।

4. नियम व शर्तें पढ़ें – हर बैंक का ब्याज कैलकुलेशन अलग हो सकता है। कुछ बैंक क्वार्टरली ब्याज जोड़ते हैं तो कुछ मासिक आधार पर।

किसके लिए बेहतर है यह विकल्प?

नौकरीपेशा लोग जिन्हें हर महीने वेतन खाते में आता है।

व्यापारी जिनके पास बार-बार लेन-देन होता है और जिन्हें Liquidity की जरूरत रहती है।

वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें FD में पैसा लॉक नहीं करना और फिर भी अच्छा ब्याज चाहिए।

आम बचतकर्ता जो सुरक्षित और आसान विकल्प ढूंढ रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7% Saving Account Return एक बेहतरीन विकल्प है, लेकिन निवेशक को हमेशा अपने Risk Profile और Bank की Credibility का ध्यान रखना चाहिए। बड़े सरकारी बैंकों में सुरक्षा अधिक होती है जबकि छोटे बैंकों में ब्याज दर ज्यादा। इसलिए ग्राहक को अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से चुनाव करना चाहिए।

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निष्कर्ष

यदि आप बिना FD कराए ही अच्छा ब्याज चाहते हैं, तो नए Saving Account Interest Rate 2025 आपके लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं। अब सेविंग अकाउंट में पैसा रखने का मतलब सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि बेहतर रिटर्न भी है। हालांकि, किसी भी बैंक को चुनने से पहले उसके नियम, शर्तें और सुरक्षा पहलुओं को जरूर समझें।

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