RBI का नया नियम: 1 अक्टूबर से ₹500 नोट के लेन-देन में बदलाव
RBI का नया दिशा-निर्देश और एटीएम वितरण
RBI ने अप्रैल 2025 में बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों के लिए एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें निर्देश दिया गया कि सभी एटीएम में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की पर्याप्त संख्या हमेशा उपलब्ध रहे। इस नए नियम के अनुसार, 30 सितंबर 2025 तक एटीएम में कम से कम एक कैसैट में ₹100 या ₹200 के नोट मौजूद होने चाहिए। इसके बाद, 31 मार्च 2026 तक इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 90% करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छोटे मूल्यवर्ग के नोट आम जनता के लिए हमेशा उपलब्ध हों, जिससे दैनिक लेन-देन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अफवाहों का खंडन: ₹500 नोट विमुद्रीकरण नहीं
हालांकि, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर अफवाहें फैल रही थीं कि RBI ₹500 के नोटों का विमुद्रीकरण करने जा रहा है और 30 सितंबर 2025 तक एटीएम से ₹500 के नोट का वितरण बंद कर दिया जाएगा। इन अफवाहों का खंडन RBI और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने स्पष्ट रूप से किया। PIB ने ट्वीट कर कहा कि यह पूरी तरह झूठी जानकारी है और ₹500 के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। RBI ने भी पुष्टि की है कि ₹500 और ₹2000 के नोटों का वितरण जारी रहेगा और इन्हें सभी बैंक और एटीएम से लिया और जमा किया जा सकता है।
छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का महत्व
छोटे मूल्यवर्ग के नोट जैसे ₹100 और ₹200 का दैनिक लेन-देन में विशेष महत्व है। ये नोट किराने की दुकानों, सब्ज़ी मंडियों, छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक परिवहन में अधिक आसानी से स्वीकार किए जाते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहां डिजिटल लेन-देन की पहुंच सीमित है, वहां नकदी का महत्व और भी बढ़ जाता है। RBI का यह नया दिशा-निर्देश नकदी प्रबंधन को संतुलित करता है और नकली नोटों की पहचान और रोकथाम में भी मदद करता है।
₹500 नोटों की सुरक्षा और डिज़ाइन
₹500 के नोट महात्मा गांधी नई श्रृंखला (Mahatma Gandhi New Series) के अंतर्गत जारी किए गए हैं। इन नोटों में कई सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं, जिनमें वाटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड, माइक्रो-लेटरिंग और इंक चेंज कलर जैसे फीचर्स शामिल हैं। ये सुरक्षा फीचर्स नकली नोटों की पहचान में मदद करते हैं और मुद्रा की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। ₹500 के नोट वैध मुद्रा हैं और इन्हें सभी लेन-देन में इस्तेमाल किया जा सकता है।
बैंकिंग और एटीएम प्रणाली पर प्रभाव
RBI का यह नया नियम मुख्य रूप से एटीएम और बैंकिंग सिस्टम को प्रभावित करेगा। बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि छोटे मूल्यवर्ग के नोट हमेशा उपलब्ध हों। इससे आम जनता को नकद लेन-देन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यह बदलाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां डिजिटल पेमेंट की पहुंच सीमित है। इस बदलाव के कारण एटीएम और बैंक शाखाओं में नकदी प्रबंधन और अधिक संगठित हो जाएगा।
जनता के लिए सुझाव
अफवाहों से बचना इस समय सबसे जरूरी है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैल रही खबरों पर भरोसा न करें। हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट और PIB के नोटिस से जानकारी प्राप्त करें। इससे आप नकली खबरों से बचेंगे और सही निर्णय ले पाएंगे। नकदी प्रबंधन के लिए अपने पास छोटे मूल्यवर्ग के नोट रखें और बैंकिंग लेन-देन को समय पर पूरा करें
एटीएम में नकदी प्रबंधन और सुविधा
RBI के नए नियम के तहत अब एटीएम में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नकद लेन-देन और भी सुविधाजनक हो जाएगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एटीएम में ₹100 और ₹200 के नोट पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों, ताकि आम जनता को नकदी की कमी का सामना न करना पड़े। इस बदलाव से नकदी प्रबंधन अधिक संगठित होगा और डिजिटल पेमेंट के विकल्पों के बावजूद लोगों को दैनिक लेन-देन में आसानी होगी।
निष्कर्ष
RBI का यह नया दिशा-निर्देश ₹500 नोट के विमुद्रीकरण से संबंधित नहीं है। यह केवल छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता बढ़ाने और नकदी प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया है। ₹500 नोट वैध मुद्रा हैं और इन्हें किसी भी प्रकार से रोकने या बदलने का कोई आदेश नहीं है। आम जनता को इस बदलाव के बारे में सही जानकारी रखने की आवश्यकता है ताकि लेन-देन में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता बढ़ने से नकदी लेन-देन अधिक आसान और सुव्यवस्थित होगा। यह कदम डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के साथ-साथ नकदी की कमी को दूर करने में भी मदद करेगा।
