Lenskart IPO: भारत की eyewear कंपनी Lenskart के हालिया IPO ने न सिर्फ उद्योग में हलचल मचाई है, बल्कि इसके संस्थापक एवं सीईओ Peyush Bansal के लिए भी बेहद लाभदायक साबित हो रही है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि उन्होंने कैसे इस IPO के जरिए लगभग ₹824 करोड़ का मुनाफा कमाया है और यह मुनाफा क्यों “21 गुना रिटर्न” कहलाया जा रहा है।
IPO कहानी का आरंभ
Lenskart ने अपनी IPO के लिए शेयरों की कीमत ₹382 से ₹402 प्रति शेयर निर्धारित की है। इस कीमत के आधार पर, Peyush Bansal ने लगभग 2.05 करोड़ शेयर का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) जारी किया है। इस शेयर बिक्री से उन्हें लगभग ₹824 करोड़ का लाभ मिलने का अनुमान है।
निवेश और रिटर्न का हिसाब
पूरी तस्वीर समझने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि Bansal ने इन शेयरों को शुरुआत में बहुत कम कीमत पर खरीदा था। उदाहरण के लिए, उनके निवेश का औसत लगभग ₹18.6 प्रति शेयर रहा था। अब अगर OFS के लिए तय ऊपरी प्राइस ₹402 प्रति शेयर माना जाए, तो शुरुआती निवेश की तुलना में यह करीब 21 गुना रिटर्न बनता है। यानि लगभग 2,000 % से भी अधिक मुनाफा।
मुनाफा कैसे हुआ संभव?
Bansal ने अपनी कंपनी में पहले बहुत कम खर्च पर हिस्सेदारी ली थी।
IPO के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ने लगी थी, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
OFS के माध्यम से उन्होंने 2.05 करोड़ शेयर बेचे, जिससे उन्हें बड़ी राशि हाथ लगी।
शेयर बिक्री के बाद भी Bansal कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे (लिस्टिंग के बाद लगभग 8.78 % हिस्सेदारी शेष रहेगी)।
Lenskart IPO पर Peyush Bansal का बड़ा मुनाफा
Lenskart के IPO ने बाजार में तहलका मचा दिया है। कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल को इस शेयर बिक्री से करीब ₹824 करोड़ का मुनाफा होने जा रहा है। उन्होंने लगभग 2.05 करोड़ शेयर बेचने का फैसला किया है, जिससे उन्हें 21 गुना तक का रिटर्न मिलेगा। बंसल ने इन शेयरों में शुरुआती निवेश बहुत कम कीमत पर किया था, जो अब IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹402 पर पहुंच गया है। यह न सिर्फ उनकी समझदारी को दर्शाता है बल्कि यह भी दिखाता है कि सही समय पर सही निर्णय कैसे बड़े मुनाफे में बदल सकता है।

IPO का विश्लेषण एवं मार्केट का रुख
Lenskart का यह IPO न केवल कंपनी के लिए बल्कि निवेशकों एवं बाजार के लिए भी अहम है।
कंपनी ने fragmented eyewear बाजार को संगठित करने में भूमिका निभाई है, जिससे उसकी ग्रोथ की संभावना उभरी है।
कई विश्लेषक यह कह रहे हैं कि इस IPO में निवेशकों को 5 से 17 गुना तक का पेपर गेन मिल सकता है।
हालांकि कुछ बाजार विश्लेषक इस प्राइसिंग को अधिक बता रहे हैं और कहते हैं कि कंपनी द्वारा दिखाया गया मुनाफा स्थाई नहीं हो सकता।
Bansal के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
₹824 करोड़ का मुनाफा किसी निजी कंपनी के संस्थापक के लिए बड़ी उपलब्धि है।
यह निवेशकों के सामने Bansal की व्यावसायिक समझ और समय सही चुनने की क्षमता को दर्शाता है।
साथ ही, यह बताता है कि बध् लेवल पर निवेश करके कंपनी को सार्वजनिक बाजार में बदलना कितना लाभप्रद हो सकता है।
इसके बावजूद, उन्होंने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी छोड़ी है, जो कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताती है।
निवेशक के लिए क्या मायने रखता है?
अगर आप इस IPO या कंपनी में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, तो निम्न बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
IPO में तय कीमत (₹382-402) के मुताबिक आपको क्या मिल रहा है, उसकी समीक्षा करें।
कंपनी की वैल्यूएशन कितनी है और क्या यह ग्रोथ रेट उसे सही ठहराती है।
संस्थापक का मुनाफा और हिस्सेदारी का बचना दोनों संकेत हैं — लेकिन यह गारंटी नहीं कि भविष्य में ग्रोथ वैसी ही रहेगी।
पेंशन, म्युचुअल फंड या बड़े निवेशक पहले से निवेश कर चुके हैं कि नहीं, इस पर ध्यान दें।
संक्षिप्त में कहें तो, Lenskart के इस IPO से Peyush Bansal ने जो ~₹824 करोड़ का मुनाफा कमाया है, वह न सिर्फ बड़ी राशि है बल्कि निवेश-रणनीति में उनकी चतुराई को भी दर्शाती है। 21 गुना रिटर्न वाला यह आंकड़ा अपने-आप में आकर्षक है। लेकिन निवेशक को यह भी समझना होगा कि “इतनी जल्दी इतनी बड़ी वृद्धि” के पीछे चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। इसलिए, इस IPO को सिर्फ लाभ के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि दीर्घकालीन समीक्षा के साथ देखने की सलाह दी जाती है।
यह भी पढ़े: Top Penny Stocks 2025: कम दाम में बड़ा मुनाफा देने वाले टॉप पेनी स्टॉक्स में निवेश का सुनहरा मौका