दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड – देशभर में 6.05 लाख करोड़ की धमाकेदार बिक्री
Diwali Shopping 2025: भारत में इस साल दीवाली का जश्न सिर्फ घरों में ही नहीं बल्कि बाजारों में भी खूब देखने को मिला। देशभर में इस बार दीवाली शॉपिंग ने नया रिकॉर्ड बना दिया। लोगों ने जमकर खरीदारी की और 6.05 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ सेल दर्ज की गई। ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि यह कई राज्यों के वार्षिक सरकारी बजट से भी ज्यादा है। इस दीवाली पर भारतीय उपभोक्ताओं ने यह साबित कर दिया कि जब त्योहार की बात आती है तो उनका उत्साह किसी भी आर्थिक मंदी को मात दे सकता है।
दीवाली सेल 2025 में 6.05 लाख करोड़ की रिकॉर्ड शॉपिंग – जानिए क्यों बढ़ी खरीदारी
इस साल की दीवाली शॉपिंग 2025 कई मायनों में खास रही। बाजारों में भीड़, ऑनलाइन वेबसाइट्स पर ट्रैफिक और शॉपिंग मॉल्स में लंबी कतारें – हर जगह बस एक ही नज़ारा था, खरीदारी का। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार लोगों की जेब थोड़ी ढीली होने के पीछे कई कारण हैं।
सबसे पहले, महामारी के बाद लोगों में फिर से खर्च करने की आदत लौट आई है। दूसरा, केंद्र सरकार की नीतियों और वेतन वृद्धि ने लोगों को ज्यादा खर्च करने की क्षमता दी है। तीसरा, फेस्टिव ऑफर्स, नो-कॉस्ट EMI, कैशबैक और डिजिटल पेमेंट्स ने खरीदारी को और आसान बना दिया है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह छाया दीवाली पर शॉपिंग का रिकॉर्ड उत्साह
इस बार दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ही नहीं बल्कि ऑफलाइन मार्केट्स में भी देखने को मिला। दिल्ली के सरोजिनी नगर से लेकर मुंबई के लिंकिंग रोड तक, हर बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं Flipkart, Amazon, Meesho और JioMart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने भी रिकॉर्डतोड़ बिक्री की।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग से ही लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं बाकी 4 लाख करोड़ रुपये की सेल स्थानीय बाजारों, मॉल्स, ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स से हुई।
सरकारी खर्च से भी आगे निकला दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड
यह जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि इस साल की दीवाली सेल का आंकड़ा कई राज्यों के वार्षिक सरकारी खर्च से भी ज्यादा है। जहां कई राज्य पूरे साल में 5 लाख करोड़ रुपये से कम का खर्च करते हैं, वहीं भारतीय उपभोक्ताओं ने सिर्फ कुछ दिनों में ही 6.05 लाख करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
इससे यह साफ झलकता है कि भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत हो चुकी है और लोगों की क्रय शक्ति में जबरदस्त वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आंकड़ा आने वाले महीनों में बाजार में और तेजी लाने वाला साबित होगा।
दीवाली सेल में सबसे ज्यादा बिके कौन से प्रोडक्ट्स?
इस साल की दीवाली शॉपिंग 2025 में लोगों ने कई श्रेणियों में जमकर खरीदारी की।
सबसे ज्यादा बिक्री इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, ज्वेलरी, कपड़े, मिठाइयाँ, ऑटोमोबाइल और होम डेकोर की हुई। स्मार्टफोन्स और स्मार्ट टीवी की सेल ने रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी की खरीद में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कपड़ों की दुकानों और डिजाइनर ब्रांड्स ने भी शानदार सेल दर्ज की, खासकर पारंपरिक परिधानों की मांग में भारी उछाल देखने को मिला।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में दीवाली पर रिकॉर्ड बिक्री – लोगों ने जमकर खरीदी कारें और बाइकें
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी इस बार दीवाली पर सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की। दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड सिर्फ कपड़ों या ज्वेलरी तक सीमित नहीं रहा। कारों और दोपहिया वाहनों की डिलीवरी में रिकॉर्ड उछाल देखा गया।
Maruti Suzuki, Tata Motors, Hyundai, Hero MotoCorp, और Royal Enfield जैसी कंपनियों ने बताया कि इस फेस्टिव सीजन में उनकी बिक्री पिछले साल की तुलना में 30% तक बढ़ी।
दीवाली शॉपिंग में डिजिटल पेमेंट्स ने निभाई बड़ी भूमिका
6.05 लाख करोड़ की सेल को संभालने में डिजिटल पेमेंट्स ने भी अहम भूमिका निभाई।
UPI, Paytm, Google Pay और PhonePe जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रिकॉर्ड ट्रांजेक्शन हुए। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, केवल दीवाली के हफ्ते में ही 10 अरब से ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए।
डिजिटल पेमेंट्स ने खरीदारी को न सिर्फ आसान बनाया बल्कि लोगों को कैशलेस ट्रांजेक्शन की ओर और बढ़ावा दिया।
ग्रामीण भारत में भी बढ़ी दीवाली पर शॉपिंग की चमक
पहले यह माना जाता था कि बड़ी खरीदारी केवल शहरों तक सीमित रहती है, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है।
इस बार दीवाली शॉपिंग 2025 में ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी योगदान देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों में भी लोग मोबाइल, टीवी, मोटरसाइकिल, और सजावट की चीज़ें खरीदने में पीछे नहीं रहे। इससे साफ है कि भारत की आर्थिक प्रगति अब गांवों तक पहुंच चुकी है।
ज्वेलरी मार्केट में बढ़ी रौनक – सोना-चांदी की खरीद में 25% का उछाल
दीवाली पर सोना और चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इस परंपरा ने इस साल भी जोरदार असर दिखाया।
देशभर में दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड बनाने में ज्वेलरी मार्केट का बड़ा योगदान रहा। गोल्ड की कीमतें बढ़ने के बावजूद लोगों ने जमकर सोना खरीदा। टाइटन, तनिष्क, कल्याण ज्वेलर्स जैसी कंपनियों ने बताया कि उनकी बिक्री पिछले साल के मुकाबले 25% तक बढ़ी।
इलेक्ट्रॉनिक और गैजेट्स में बंपर डिस्काउंट से बढ़ी दीवाली सेल 2025 की चमक
दीवाली पर ऑनलाइन वेबसाइट्स ने ग्राहकों को लुभाने के लिए 50% से लेकर 80% तक के डिस्काउंट दिए।
Flipkart Big Billion Days और Amazon Great Indian Festival जैसी सेल ने मिलकर करोड़ों ग्राहकों को आकर्षित किया। मोबाइल, टीवी, वॉशिंग मशीन, फ्रिज, और किचन एप्लायंसेस की खरीद में बड़ा उछाल देखने को मिला।
लोगों ने इस मौके पर पुराने गैजेट्स बदलकर नए खरीदने को प्राथमिकता दी।
दीवाली पर शॉपिंग के रिकॉर्ड ने अर्थव्यवस्था को दी नई रफ्तार
6.05 लाख करोड़ की शॉपिंग का मतलब सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सेहत में नई ऊर्जा का संचार भी है।
ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आंकड़ा न सिर्फ उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकेत भी है कि भारतीय बाजार फिर से अपने चरम पर लौट आया है।
इस खरीदारी से लाखों लोगों को रोजगार भी मिला – दुकानदारों, डिलीवरी एजेंट्स, ट्रांसपोर्टर्स और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ पहुंचा।
दीवाली शॉपिंग 2025 में लोगों ने दिखाई ऐतिहासिक खरीदारी की ताकत
इस बार की दीवाली शॉपिंग 2025 ने पूरे देश में उत्सव की चमक बढ़ा दी। लोग सिर्फ जरूरत की चीजें नहीं, बल्कि लग्जरी प्रोडक्ट्स पर भी खुलकर खर्च करते दिखे। इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, ज्वेलरी, फैशन और होम डेकोर में रिकॉर्ड बिक्री हुई। मार्केट्स में भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई दुकानों को स्टॉक खत्म होने की वजह से नया माल मंगवाना पड़ा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी लाखों ऑर्डर्स दर्ज हुए।
यह दीवाली सिर्फ रोशनी की नहीं बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दीवाली रही, जिसने भारत की उपभोक्ता क्षमता को विश्व के सामने नए स्तर पर स्थापित कर दिया।
निष्कर्ष – दीवाली शॉपिंग 2025 ने दिया अर्थव्यवस्था को नया उजाला
इस साल की दीवाली भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं रही।
दीवाली पर शॉपिंग का नया रिकॉर्ड बनाते हुए देशवासियों ने न केवल त्योहार का आनंद उठाया बल्कि यह भी साबित किया कि भारत का उपभोक्ता बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला मार्केट है।
6.05 लाख करोड़ रुपये की बिक्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की आर्थिक कहानी अब “Spend and Grow” की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
यह दीवाली केवल रोशनी की नहीं, बल्कि समृद्धि, विश्वास और भारत की नई आर्थिक ताकत की दीवाली रही।
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