IND A vs AUS A: बड़ी नाइंसाफी है…! IPL में दिखाया दम, लगातार बना रहा रन, फिर भी BCCI ने कर दिया नजरअंदाज
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IND A vs AUS A: बड़ी नाइंसाफी है…! IPL में दिखाया दम, लगातार बना रहा रन, फिर भी BCCI ने कर दिया नजरअंदाज
भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही। हर साल नए-नए खिलाड़ी उभरकर सामने आते हैं और IPL जैसे मंच पर अपनी दमदार बैटिंग और बॉलिंग से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जिन्होंने IPL में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, घरेलू क्रिकेट में रन बरसाए, उन खिलाड़ियों को इंडिया A जैसी अहम सीरीज़ में भी मौका नहीं मिलता। यही वजह है कि IND A vs AUS A सीरीज़ की टीम देखकर फैन्स हैरान हैं और सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि “BCCI आखिर कब तक मेहनती खिलाड़ियों को नजरअंदाज करता रहेगा?”
IND A vs AUS A
IPL में दिखाया था शानदार खेल
IPL सिर्फ एक लीग नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेटर्स के लिए करियर का बड़ा दरवाज़ा है। कई युवा खिलाड़ी IPL में अच्छा प्रदर्शन करके सीधे टीम इंडिया तक पहुंचे हैं। लेकिन इस बार कुछ ऐसे बल्लेबाज और गेंदबाज, जिन्होंने पूरे सीज़न में लगातार रन बनाए और विकेट चटकाए, फिर भी चयनकर्ताओं की लिस्ट से बाहर हो गए।
फैन्स का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी IPL जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में रन बना सकता है, बड़े बॉलर को धूल चटा सकता है, तो फिर इंडिया A के लिए क्यों नहीं? आखिर किस आधार पर सिलेक्शन हुआ है, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
इंडिया A बनाम ऑस्ट्रेलिया A सीरीज़ क्यों अहम है?
IND A vs AUS A सीरीज़ सिर्फ एक प्रैक्टिस टूर्नामेंट नहीं होती। यह सीरीज़ भविष्य की भारतीय टेस्ट और ODI टीम की नींव तैयार करती है। जिन खिलाड़ियों को यहां मौका मिलता है, उन्हें आगे चलकर टीम इंडिया में भी बुलावा आ सकता है। ऐसे में अगर किसी खिलाड़ी को यहाँ नज़रअंदाज कर दिया जाए, तो यह उनके करियर पर गहरा असर डाल सकता है।
चयन नीति पर उठ रहे सवाल
BCCI की सिलेक्शन कमेटी पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कई बार देखा गया है कि कुछ खिलाड़ी बार-बार मौके पाते हैं, भले ही उनका प्रदर्शन खास न हो, जबकि कोई नया खिलाड़ी जो लगातार अच्छा खेल रहा हो, उसे इंतज़ार करना पड़ता है। यही कारण है कि क्रिकेट फैंस नाराज़ होकर कहते हैं –
IPL में धूम मचाई, फिर भी इंडिया A में जगह नहीं मिली, यह तो नाइंसाफी है।
फैन्स की नाराज़गी सोशल मीडिया पर
सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमी जमकर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर तरह-तरह के पोस्ट देखने को मिल रहे हैं। कोई कह रहा है कि चयनकर्ताओं की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है, तो कोई लिख रहा है कि कुछ खिलाड़ियों को “पॉलिटिक्स” की वजह से मौका नहीं मिलता।
आखिर क्यों होता है ऐसा?
इस नाइंसाफी के पीछे कुछ बड़े कारण बताए जाते हैं
1. घरेलू क्रिकेट का अनुभव – BCCI कई बार IPL की बजाय रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और दुलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट को ज्यादा महत्व देता है।
2. लंबे फॉर्मेट की टेस्टिंग – इंडिया A में अक्सर उन खिलाड़ियों को चुना जाता है जो लंबे फॉर्मेट (फर्स्ट क्लास मैच) में धैर्य और तकनीक दिखा चुके हों।
3. चयनकर्ताओं की अपनी प्राथमिकता – कई बार किसी खिलाड़ी को “भविष्य की योजना” के तहत टीम में जगह दी जाती है, जबकि दूसरे खिलाड़ी को इंतज़ार करना पड़ता है।
लेकिन सवाल यह हैं।
अगर IPL में कोई बल्लेबाज़ लगातार 400–500 रन बना रहा है, स्ट्राइक रेट 140+ है, या फिर कोई गेंदबाज़ डेथ ओवर में विकेट निकाल रहा है, तो क्या उसे नजरअंदाज करना सही है? इंडिया A का प्लेटफॉर्म तो ऐसे ही खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए है। अगर यहां भी उन्हें मौका नहीं मिलेगा तो उनका आत्मविश्वास टूट सकता है।
BCCI को क्या करना चाहिए?
फैन्स की उम्मीद यही है कि BCCI और चयनकर्ता पारदर्शिता दिखाएं। अगर किसी खिलाड़ी को सिलेक्ट नहीं किया गया तो स्पष्ट कारण बताया जाए। साथ ही, IPL परफॉर्मेंस को भी गंभीरता से लिया जाए, क्योंकि यही टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट को हर साल नया सितारा देता है।
निष्कर्ष
IND A vs AUS A सीरीज़ के लिए टीम का एलान होने के बाद कई ऐसे नाम छूट गए जिन्होंने IPL में गजब का प्रदर्शन किया था। यह निश्चित ही उनके और उनके फैन्स के लिए निराशा की बात है। क्रिकेट प्रेमियों की यही मांग है कि मेहनत और प्रदर्शन को असली तवज्जो मिले, ताकि किसी खिलाड़ी की मेहनत बेकार न जाए।
आख़िरकार, देश के करोड़ों फैन्स यही चाहते हैं कि “जो खिलाड़ी मैदान पर दम दिखाए, उसे ही इंडिया A और फिर टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिले।”